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इस दिन से शुरू हो रही है नवरात्रि, जाने कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और आवश्यक सामाग्री क्या है

Shardiya Navratri Ghat sthapna: भारत में शारदीय नवरात्रि की धूम सबसे अधिक देखने को मिलती है। खासकर पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में नवरात्रि के दौरान आयोजन किए जाने वाले दुर्गा पूजा का त्योहार काफी धूम-धाम और उल्लास के साथ मनाया जाता है तथा इस दौरान नवरात्रि में घट स्थापना के बाद ही माँ दुर्गा की पूजा की जाती है तो आइये जानते है साल 2025 में शारदीय नवरात्रि की घट स्थापना कब है?

नवरात्रि का त्योहार न सिर्फ भक्ति बल्कि ऊर्जा का भी एहसास दिलाता है तथा नवरात्रि के पहले दिन ही घट स्थापना कर कलश रखा जाता है और यह कलश पूरे नौ दिनों तक माँ दुर्गा के समक्ष रखा जाता है। इस साल नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर से शुरू होने जा रही है। इस तरह नवरात्रि की पूजा का आरंभ कलश स्थापना यानि घट स्थापना के साथ किया जाएगा। उसके बाद देवी की पूजा आरंभ होती है तथा कलश स्थापना की यह विधि बेहद ही महत्वपूर्ण मानी जाती है।

घट स्थापना का शुभ मुहूर्त:(Shardiya Navratri Ghat sthapna)

साल 2025 में 22 सितंबर से 2 अक्टूबर तक यानि पूरे दस दिनों तक माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। यानि इस साल 22 सितंबर दिन-सोमवार को घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:09 से लेकर 08:06 मिनट तक है तथा दूसरा अभिजीत मुहूर्त 11:49 मिनट से लेकर दोपहर 12:38 मिनट तक रहेगा।

घट स्थापना के लिए आवश्यक सामाग्री:

नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना के लिए हमें मिट्टी का पात्र, जौ, गंगा जल, आम के पत्ते, नारियल, सुपारी, रोली और सिंदूर, फल, अक्षत, घी, कपूर, मौली, हल्दी, चुनरी, पान, पुष्प आदि चीजों की आवश्यकता पड़ती है।

इस दिन से शुरू हो रही है नवरात्रि

घट स्थापना में कौन स कलश ले:

कलश स्थापना के दौरान मिट्टी, तांबे तथा पीतल के कलश को स्थापित की जाती है। प्राचीन काल से ही पूजा तथा धार्मिक जैसे शुभ कार्यों के लिए मिट्टी का कलश स्थापित किया जाता है क्योंकि मिट्टी से बना धातु शुद्ध और पवित्र माना जाता है। इसलिए नवरात्रि में घट स्थापना के लिए मिट्टी से बने कलश की स्थापना करनी चाहिए।

घट स्थापना में किए जाने वाले कार्य:

  • शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापित करने से पहले आप अपने पूजा स्थल को साफ-सुथरा करके ही कलश को स्थापित करे,
  • नवरात्रि जैसे शुभ अवसर पर शुद्ध शाकाहारी भोजन का सेवन करे।
  • कलश स्थापना के दौरान जौ बोने की परंपरा है तथा इस दौरान माँ दुर्गा के समक्ष अखंड ज्योत जलाया जाता है।
  • नवरात्रि के आखिरी दिन यानि दशहरा पर स्थापित किए गए कलश को जल में प्रवाहित करे।

नवरात्रि पर माँ दुर्गा का आगमन:

नवरात्रि के दौरान पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में दुर्गा पूजा का विशेष आयोजन किया जाता है तथा नवरात्रि जैसे शुभ अवसर पर माँ दुर्गा के भव्य पंडालों का आयोजन किया जाता है और इन पंडालों में माँ दुर्गा की काफी खूबसूरत मूर्तियाँ स्थापित की जाती है तथा इस दौरान पूरा कोलकाता शहर जगमगा उठता है। शारदीय नवरात्रि पर कोलकाता में मनाए जाने वाले दुर्गा पूजा का यह त्योहार विश्व प्रसिद्ध है।

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