Sawan Ka Dusra Somwar 2025: शिव भक्तों को सावन के महीना का बेशब्री से इंतेजार रहता है तथा भगवान शिव की असीम कृपा पाने के लिए श्रद्धालु इस माह का इंतेजार करते है। ख़ासकर सावन में आने वाले सोमवार को भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चाना की जाती है और साथ ही साथ इस शुभ दिन पर रुद्राभिषेक की पूजा की जाती है, ताकि भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त हो। साल 2025 में सावन का दूसरा सोमवार 21 जुलाई को है तथा इसी दिन कामिका एकादशी भी है, इसलिए सावन के दूसरे सोमवार को विशेष महत्व माना जा रहा है।
सावन के महीने में आने वाले सोमवार का अत्यंत महत्व है क्योंकि इस माह में आने वाले सोमवार को सोमवारी का व्रत रखा जाता है। इस साल सावन के दूसरे सोमवार को कामिका एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस तरह भगवान शिव के साथ-साथ भगवान विष्णु का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा। सोमवारी के शुभ अवसर पर भगवान शिव तथा माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस बार सावन के महीने में पूरे चार सोमवार पड़ेंगे।
सोमवारी की पूजा कैसे करे?
- सोमवारी के दिन सूबह जल्दी उठकर स्नान कर साफ तथा स्वच्छ कपड़े धारण करे।
- सोमवारी व्रत का संकल्प लेते हुए भगवान शिव की पूजा की शुरुआत करे।
- उसके बाद भगवान शिव को गंगाजल, दही, दूध, घी तथा मधु से रुद्राभिषेक करे।
- भगवान शिव को बेल पत्र, अक्षत, चंदन तथा धतूरा का फूल चढ़ाए। उसके बाद फल, मिठाई तथा लड्डू का भोग लगाते हुए, शिव जी को कपूर से आरती करे।
- सोमवारी पूजा के दौरान शिव चालीसा का पाठ अवश्य करे।
- अंत में ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप जरुर करे।
सोमवारी में रुद्राभिषेक की विशेष कृपा:
महादेव की विशेष कृपा पाने के लिए कई लोग सावन के महीने में रुद्राभिषेक करवाते है। सावन में रुद्राभिषेक करवाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। रुद्राभिषेक का शाब्दिक अर्थ भगवान शिव का अभिषेक करना है। रुद्राभिषेक सावन में पड़ने वाले सोमवार को ही किया जाता है तथा इस दौरान भगवान शिव को विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया जाता है, उसके बाद भगवान शिव को 108 पवित्र द्रव्यों से अभिषेक किया जाता है। अंत में भगवान शिव के सभी मंत्रों का जाप किया जाता है।

हिंदू धर्म में रुद्राभिषेक पूजा का विशेष महत्व है क्योंकि रुद्राभिषेक के माध्यम से व्यक्ति अपने किए गए पापों से मुक्ति पा सकता है। रुद्राभिषेक की पूजा करने से हमारे जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और साथ ही साथ हमारा जीवन धन-वैभव तथा खुशहाल से भरा होता है।
सावन सोमवारी का महत्व:
मान्यता है कि सोमवारी का व्रत करने पर माता पार्वती को भगवान शिव जैसा पति प्राप्त हुआ था। ख़ासकर अविवाहित महिला मनचाहा वर की प्राप्ति के लिए सोमवारी का व्रत रखती है ताकि उन्हें भी भगवान शिव जैसा पति प्राप्त हो। वहीं विवाहित महिला भी अपनी खुशहाल वैवाहिक जीवन व्यतीत करने के लिए सोमवारी का व्रत रखती है। सोमवारी का व्रत करने तथा भगवान शिव की पूजा-उपासना करने से श्रद्धालुओं की सभी मनो कामनायें पूर्ण होती है।
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