Dadasaheb Phalke Award: साल 2024 में मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहेब फाल्के अवार्ड दिया गया। दादा साहेब फाल्के अवार्ड को फिल्म जगत का सबसे बड़ा तथा गौरव पूर्ण अवार्ड माना जाता है। भारत का सबसे प्रतिष्ठित 70वें राष्ट्रीय नेशनल अवार्ड शो का आयोजन 8 अक्टूबर, दिन- मंगलवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया गया तथा इससे पहले नेशनल अवार्ड शो की अनाउंसमेंट 16 अगस्त को की गई थी और अब जा कर यह अवार्ड सभी सितारों को प्रदान किया गया।
फिल्म जगत से जुड़े सभी सितारों को इस दिन का बड़ी बेशब्री से इंतेजार रहता है तथा नेशनल अवार्ड शो में मिथुन चक्रवर्ती के अलावा, करण जौहर, सूरज बड़जात्या, नीना गुप्ता, मणिरत्नम तथा मनोज बाजपेयी जैसे बड़े सितारे इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। 70वें राष्ट्रीय नेशनल अवार्ड भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने हाथों से सभी सितारों को यह सम्मान देते हुए नज़र आई।
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार :(Dadasaheb Phalke Award)
दादा साहेब फाल्के अवार्ड की शुरुआत साल 1969 में हुई थी तथा यह अवार्ड सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष फिल्म जगत से जुड़े सितारों को प्रदान किया जाता है। इस दौरान यह अवार्ड जितने वाली पहली एक्ट्रेस देविका रानी थी तथा अब तक तक़रीबन 54 लोगों को यह अवार्ड दिया जा चुका है। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के तहत विजेताओं को स्वर्ण कमल पदक तथा 10 लाख रुपय का नक़द राशि प्रदान की जाती है।
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार लेते हुए:
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार लेते समय मिथुन चक्रवर्ती स्टेज पर अपनी जर्नी के बारे में बात करते हुए नज़र आए, उन्होंने यह बताया कि “पहले मैं भगवान से बहुत शिकायत करता था लेकिन यह अवार्ड पाकर अब मैं भगवान को शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ और मैं दर्शकों से भी यह कहना चाहता हूँ कि आप सपने देखना कभी बंद न करे। खुद सो जाए लेकिन अपने सपनों को कभी सोने न दे, बलकी लगातार कड़ी मेहनत तथा दृढ़ संकल्प के साथ काम करते रहे। जब मैं(मिथुन चक्रवर्ती) यह मुकाम हासिल कर सकता हूँ तो आप भी जरुर इस मुकाम को हासिल कर सकते हो” इस दौरान अपनी जर्नी शेयर करते समय मिथुन चक्रवर्ती इमोशनल हो गए और उनके आँखों में आंसू झलक आया।
मिथुन चक्रवर्ती ने अपने स्ट्रगल के बारे में बताया:
मिथुन चक्रवर्ती मीडिया को इंटरव्यू देते समय अपने स्ट्रगल के बारे में बात करते हुए नज़र आए, उन्होंने यह कहा कि मुझे शुरुआती समय में पैसों के लिए काफी स्ट्रगल करना पड़ा, क्योंकि हर बार मुझे चेहरे का रंग धीमा होने के कारण छाँट दिया जाता था उसके बाद से में अपने चेहरों पर नहीं बलकी अपने पैरों पर ध्यान देने लगा और मैं अपने पैर को इस काबिल बनाया कि आज मैं सुपर स्टार बन गया।
मिथुन चक्रवर्ती के बारे में:
मिथुन चक्रवर्ती का जन्म 16 जून 1950 को हैदराबाद में हुआ तथा इन्होंने अपने करियर की शुरुआत साल 1976 में फिल्म ‘मृगया’ से की और इस दौरान इन्होंने बॉलीवुड की दुनिया में कदम रखे। ‘मृगया’ फिल्म के लिए मिथुन चक्रवर्ती को पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिया गया। जिसके कारण लोग इन्हें प्यार से मिथुन दा कह कर बुलाने लगे। हिंदी फिल्म सिनेमा में आने से पहले वे एक नक्सली हुआ करते थे, इसके अलावा मिथुन चक्रवर्ती मार्शल आर्ट्स में ब्लैक बेल्ट भी हासिल कर चुके है।
साल 1982 में इनकी बेहतरीन फिल्म ‘डिस्को डांसर’ रिलीज हुई। बब्बर सुभाष के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म सुपर डुपर हिट रही तथा इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती के अलावा राजेश खन्ना और किम लीड रोल में थी। ‘डिस्को डांसर’ फिल्म के बाद मिथुन चक्रवर्ती भारतीय सिनेमा में काफी पॉप्युलर हो गए और इस तरह वह रातों रात स्टार बन गए।

साल 1993 में मिथुन चक्रवर्ती की बंगला फिल्म ‘ताहादेर कथा’ रिलीज हुई। बुद्धदेव दास गुप्ता के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म काफी हिट रही तथा इस फिल्म के लिए मिथुन चक्रवर्ती को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिया गया। ‘ताहादेर कथा’ फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती के अलावा दीपांकर दे, देबोश्री भट्टाचार्य, अशोक मुखर्जी तथा सुब्रत नंदी लीड रोल में थे।
अब तक मिथुन चक्रवर्ती 350 से भी अधिक फ़िल्मों में काम कर चुके है तथा ये बंगाली, कन्नड़, हिंदी, भोजपुरी, तमिल, तेलुगु तथा पंजाबी फ़िल्मों में अपने अभिनय का जलवा दिखा चुके है।
मिथुन चक्रवर्ती का उम्र:
साल 2024 में मिथुन चक्रवर्ती का वर्तमान उम्र 74 वर्ष है तथा इस उम्र में भी मिथुन दा काफी फिट और हैंडसम दिख रहे है।
मिथुन चक्रवर्ती की सुपरहिट फ़िल्में:
| फिल्म | रिलीज डेट |
| मृगया | 1976 |
| तराना | 1979 |
| हम पाँच | 1980 |
| डिस्को डांसर | 1982 |
| प्यार झुकता नहीं | 1985 |
| गोलमाल 3 | 2010 |
| हाउसफुल 2 | 2012 |
| बॉस | 2013 |
| द कश्मीर फ़ाइल्स | 2022 |
| काबुलीवाला | 2023 |
मिथुन चक्रवर्ती को मिले अवार्ड:
| साल | अवार्ड का नाम |
| 1977 | राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार(मृगया) |
| 1992 | राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार(ताहादेर कथा) |
| 1998 | राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार(स्वामी विवेकानंद) |
| 1990 | फिल्म फेयर अवार्ड(अग्निपथ) |
| 1995 | फिल्म फेयर अवार्ड(जल्लाद) |
| 2024 | दादा साहेब फाल्के अवार्ड |
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